Transcript
[0:00] कैसे हो सब?
[0:04] बहुत अच्छा।
[0:08] गुरुदेव यज्ञ पवितम का वास्तविक अर्थ क्या
[0:12] है?
[0:15] हां।
[0:21] यज्ञपवे तीन धागे का होता है। कंधों पर
[0:25] उठाने का।
[0:27] माने तीन हमारा कर्तव्य है। तीन ऋण है।
[0:32] क्या तीन कर्तव्य क्या है? पहले तो
[0:35] माता-पिता की तरफ जिसने तुम्हें जन्म दिया
[0:39] माता-पिता को कदर करो। उनको बड़ा वो उनके
[0:43] बड़े होने पर उनकी सेवा करो। यह सब करो।
[0:47] माता-पिता का जिम्मेदारी उठाना एक
[0:52] और दूसरा
[0:53] ज्ञान के लिए
[0:56] हजारों वर्षों से लाखों वर्षों से
[1:01] ऋषि मुनि लोगों ने ज्ञान दिया। तरह-तरह के
[1:05] ज्ञान दिए हैं। तुमने कुछ भी सीखा हो जीवन
[1:09] में खेती के बारे में सीखा।
[1:13] औषधियों के बारे में सीखा, आयुर्वेद के
[1:15] बारे में सीखा। शस्त्र के बारे में जो भी
[1:18] तुमने सीखा है जो तुमने सीख के तुम्हारे
[1:22] पास रख लेने से वह वही खत्म हो जाता है ना
[1:26] जो तुमने सीखा उस औरों को सिखाना है यह
[1:29] ऋषि ऋण है माने जो ज्ञानी महात्मा पुरातन
[1:35] पद्धति से बना के दिए उसको आगे बढ़ाना
[1:40] औरों तक सिखाना यह दूसरा जिम्मेदारी
[1:43] तीसरा जिम्मेदारी समाज के लिए समाज ने
[1:47] तुमको पाला, पोसा, कपड़े दिया, खाना दिया,
[1:50] सब कुछ दे रहे हैं। और उन सबके भलाई के
[1:54] लिए काम करो। तो यही जेनेयू का अर्थ है
[1:57] क्या? कंधों पर तीन जिम्मेदारियों को तुम
[2:01] उठा रहे हो और रोज तुमको याद होना चाहिए।
[2:04] अरे भाई मेरे ऊपर यह तीन जिम्मेदारी है।
[2:08] जब तीनों जिम्मेदारी तुम्हारी पूरी हो
[2:11] जाती है तब तुम सन्यासी हो जाते हो।
[2:13] सन्यासी का कोई जेन्यु नहीं है।
[2:16] सन्यासी माने तब जब हमने अपना पूरा
[2:20] जिम्मेदारी पूरा कर दिया। माता-पिता का ऋण
[2:23] पूरा कर दिया। और मैं अपने जो ज्ञान हमको
[2:29] मिला वह सब हमने सिखाया सीखा सिखाया यह भी
[2:32] सब काम ऋषि ऋण भी कर दिया और समाज के लिए
[2:36] भी मैंने काम कर चुका। सेवा कर चुका तब
[2:39] जाके सन्यासी बनते हैं।
[2:42] माने अभी कोई कंधे में जिम्मेदारी नहीं
[2:45] है।
[2:47] तो यह यज्ञ और हर साल उसको बदलते हैं।
[2:51] श्रावण पूर्णिमा के दिन जन पुराना हो जाता
[2:56] है। तो इसलिए फिर दोबारा याद दिलाना है।
[3:00] अरे भाई मुझे मेरा तीन सिमदार है।
[3:04] शादीशुदा वालों के लिए दो जगह प्रीत है।
[3:09] अपना और पत्नी का भी। पहले
[3:14] महिला भी पहनती थी। एक जमाने में महिला भी
[3:19] पहनती थी। हाल ही में 1000 साल के से पहले
[3:23] ही यह प्रता महिलाओं को पहनाने से पहले
[3:27] आदमी खुद ही पहन लेता। खुद भी वो कर लेता।
[3:31] बोलता पत्नी को तुम्हारी जिम्मेदारी मैं
[3:34] उठा लेता हूं।
[3:36] है ना? इसका मतलब सास ससुर का भी
[3:38] जिम्मेदारी तो तुम्हारे ऊपर है। लेकिन
[3:43] पत्नी के माता-पिता की भी जिम्मेदारी है।
[3:47] तो ये अपनी जिम्मेदारी की याद करना।
[3:52] इसको यज्ञपति क्यों बोला? यज्ञ माने क्या?
[3:56] यज्ञ में तीन बात है। देव पूजा सत्कार
[3:59] करना। अच्छे गुण जहां पर भी है उनको
[4:02] सत्कार करना।
[4:05] सत अच्छे गुण को सत्कार करने से क्या होता
[4:08] है? ईर्ष्या नहीं होती मन में।
[4:11] किसी की प्रशंसा करोगे तो उनके प्रति
[4:14] ईर्ष्या होगी क्या? नहीं होती है। ऐसे ही
[4:17] सत अच्छे गुण का सम्मान करना। संगति करना।
[4:22] सबको साथ में लेके आगे बढ़ना। सबको जोड़
[4:27] के आगे बढ़ना और दान करना। दान नहीं जो
[4:31] तुमसे हो सकता है वह औरों के काम आ जाए।
[4:35] तुम्हारे पास जो है वह तुम्हारे काम कम
[4:38] आता है औरों के काम ज्यादा आता है। मगर
[4:41] तुम्हारी आवाज बहुत अच्छी है। मान लो। तुम
[4:44] क्या अपनी आवाज से अपने कान को भरते रहोगे
[4:46] क्या? तुम गाओगे तो दूसरों को मन की शांति
[4:51] आनंद मिलेगा। और तुम्हारे पास धन है।
[4:55] कितना धन तुम क्या उपयोग कर पाओगे? सारा
[4:59] धन अपने लिए कितना तुम उपयोग कर पाओगे? कर
[5:03] ही नहीं पाओगे।
[5:04] तुम्हारे पास धन है तो औरों का काम आ
[5:07] जाएगा। विद्या है औरों का काम आ जाएगा।
[5:13] तुम्हारे पास
[5:15] सर्जरी की सर्जरी तुमने पढ़ी है? डॉक्टरी
[5:20] तुमने पढ़ी है। क्या तुम अपना सर्जरी कर
[5:23] पाओगे? क्या? तुम्हारा काम का नहीं है। एक
[5:26] सर्जन खुद के लिए नहीं सर्जरी पढ़ता है।
[5:30] दूसरों का ऑपरेशन करने के लिए खुद सर्जरी
[5:33] करता है। तो तुम्हारे पास जो भी टैलेंट है
[5:36] वो तुम्हारा काम का नहीं है। दूसरों के
[5:39] काम आते हैं। और दूसरों के लिए
[5:45] करना जो तुम कर सकते हो।
[5:48] यही है यज्ञ। तो जिम्मेदारी के साथ यज्ञ
[5:53] करना माने समाज में अपना सेवा साधना
[5:57] सत्संग सब करना यही संदेश है।
[6:04] [प्रशंसा]
[6:06] गुरुदेव आपके अनुग्रह से उपनयन लड़कियों
[6:09] के लिए पुनः आरंभ हुआ है। लेकिन अभिवादी
[6:13] अभी भी केवल लड़कों के लिए है। ज्ञान की
[6:16] परंपरा में महिलाओं की भूमिका के बारे में
[6:18] कृपया बताएं।
[6:19] ना ना अभिवाद महिलाओं के लिए भी है।
[6:23] हां बिल्कुल मैं तो मानता हूं माने
[6:30] गुरुदेव आपने कहा था कि कारण शरीर के निकट
[6:33] जाने के लिए ओमकार ध्वनि का सहारा लिया
[6:36] जाता है। क्या सहज मंत्र के माध्यम से भी
[6:39] ऐसा ही होता है?
[6:40] हां हां बिल्कुल।
[6:43] अच्छा महिलाओं को जब अभिवाद करते हैं
[6:46] शादीशुदा से पहले पिता के गोत्र शादी के
[6:51] बाद पति के गोत्र पर करना है। अभिवाद है
[6:56] उनके लिए भी है। ठीक है?
[7:00] देवी देवताओं की जब हम पूजा करते हैं तो
[7:03] क्या यह सामान्य स्पंदन होता है या विशेष
[7:06] स्पंदन?
[7:10] इन दोनों के बीच का है। हम
[7:14] ठीक है।
[7:17] गुरुदेव देयर आर सम हु एक्सप्लइट नेचर बट
[7:21] व्हेन फ्यूरी शोज़ इवन द इनोसेंट
[7:24] इंक्लूडिंग सो मेनी बर्ड्स, एनिमल्स,
[7:27] ट्रीज बसाइड्स ह्यूमन बीइंग्स आर आल्सो
[7:30] डिस्ट्र
[7:31] डिस्ट्रइड।
[7:32] वी शुड ऑलवेज बी अवेयर ऑफ
[7:39] प्रोटेक्शन फॉर एनवायरमेंट।
[7:42] दिस मस्ट बी इन आवर माइंड। वी शुड कीप
[7:45] डूइंग इट। बट देयर इज़ नो गारंटी दैट इवन
[7:49] इंस्पाइट ऑफ़ ऑल दैट नेचर विल नॉट गेट
[7:52] फ्यूरियस। नेचर हैज़ इट्स ओन लॉस। इट विल
[7:56] वर्क ऑन इट।
[7:59] यू नो टुडे आई रेड दैट 90%
[8:04] ऑफ द एमिशन कार्बन एमिशन दैट वी आर मेकिंग
[8:09] द ओशन इज़ अब्सॉर्बिंग
[8:12] इफ द ओशन डजंट अब्सॉर्ब सो मच ऑफ़ हीट आवर
[8:17] प्लेनेट वुड जस्ट डिसअपीयर इन इन एनी टाइम
[8:20] दिस वुड बिकम सो हॉट
[8:24] वी आर थैंकफुल दैट द ओशन अब्सॉर्ब्स
[8:28] ऑल द बायो दैट द हीट दैट ह्यूमन बीइंग्स
[8:34] आर जनरेटिंग ऑन द प्लनेट
[8:39] गुरुदेव व्हाट इज कांड ऋषि तर्पणम
[8:46] नहीं सी दैट इज रिमेंबरिंग द ऋषि
[8:52] हु हैव गिवन सो मच टू अस
[8:56] द जीरो हैज़ बीन गिवन बाय द ऋषि विदाउट
[9:00] जीरो नो मैथमेटिक्स कैन मूव ऑन
[9:04] एंड ऑल द नॉलेज अबाउट एस्ट्रोनॉमी
[9:07] एस्ट्रोलॉजी वर गिवन टू अस बाय ऋषिज़
[9:10] आयुर्वेद हैज़ बीन गिवन टू अस बाय ऋषिज़
[9:13] कृषि ज्ञान इज़ गिवन टू अस बाय ऋषिज़ वास्तु
[9:18] ज्ञान हाउ टू बिल्ड द हाउस एवरीथिंग आई
[9:20] मीन एव्री एस्पेक्ट ऑफ लाइफ फ्रॉम पाक
[9:24] शास्त्र टू टू नृत्य शास्त्र टू वास्तु टू
[9:29] खगोल शास्त्र अबाउट द यूनिवर्स ऑल हैज़ बीन
[9:33] गिवन बाय ऋषि एंड
[9:36] शोइंग वंस रेस्पेक्ट वंस
[9:40] ग्रेटट्यूड इज़ व्हाट ऋषि तर्पण ऑल अबाउट
[9:44] हां
[9:45] काफी है
[9:48] हां
[9:53] आज हमारे बीच उपस्थित हैं श्री बाबा साहेब
[9:56] मोहन राव पाटिल जी महाराष्ट्र सरकार के
[9:59] माननीय सहकारिता मंत्री एवं लातूर जिले के
[10:03] अहमदपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हम
[10:06] आपका आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र
[10:08] में हार्दिक स्वागत करते हैं। वी वार्मली
[10:12] वेलकम श्री बाबा साहेब मोहन राव पाटिल जी
[10:15] ऑनरेबल मिनिस्टर ऑफ कोऑपरेशन गवर्नमेंट ऑफ
[10:19] महाराष्ट्र एंड एमएलए फ्रॉम अहमदपुर
[10:22] असेंबली कॉन्स्टिट्यूएंसी लातूर
[10:24] डिस्ट्रिक्ट टू द आर्ट ऑफ लिविंग
[10:26] इंटरनेशनल सेंटर
[10:28] [प्रशंसा]
[10:33] [प्रशंसा]
[10:48] [प्रशंसा]
[10:54] [प्रशंसा]
[11:15] [प्रशंसा]
[11:28] प्रणाम गुरुदेव
[11:31] मैं महाराष्ट्र से सहकारिता मंत्री हूं
[11:36] आपके चरणों में
[11:41] आपका आशीर्वाद लेने के लिए मेरे साथी और
[11:43] हम आए हैं।
[11:46] आपका प्रोग्राम लातूर में ही गए साल हुआ
[11:48] था।
[11:50] बहुत सालों से आपके काम के बारे में मैं
[11:54] सुनता था।
[11:57] यहां आने के बाद एक मौका मिला।
[12:00] संतों ने खाली आध्यात्मिक मार्गदर्शन किया
[12:03] है।
[12:05] आपने तो आध्यात्मिक भी किया है और
[12:09] साइंटिस्ट भी किया है।
[12:12] इतना ही कर कर आप नहीं रुके हैं
[12:16] कि समाज के लिए जो चीज है शिक्षा के बारे
[12:20] में
[12:22] ऑर्गेनिक खेती के बारे में
[12:26] किसानों के बारे में
[12:29] गरीब लोगों के एजुकेशन के बारे में आपका
[12:33] जो कार्य है अति बहुत ही उल्लेखनीय कार्य
[12:36] है।
[12:38] मुझे पूछा एक आदमी ने कि भाई स्वर्ग कहां
[12:40] है?
[12:42] तो आज मुझे ऐसा लग रहा है कि स्वर्ग तो
[12:45] बेंगलुरु में गुरु के पास यहां आने के बाद
[12:49] स्वर्ग है। [प्रशंसा]
[12:52] इससे अलावा स्वर्ग दूसरा कोई नहीं है।
[12:55] आप खाली आध्यात्मिक काम नहीं करते।
[13:00] महाराष्ट्र के लिए नहीं करते। आप देश के
[13:02] लिए नहीं करते। वर्ल्ड के लिए काम करते
[13:04] हैं। हमारे वर्ल्ड में कोई झगड़ा नहीं हो,
[13:08] युद्ध नहीं हो। शांति से आनंद से अभी जो
[13:11] आप बताई बात हम भी सुनते हैं काम करतेकरते
[13:16] माता-पिता की कोई संभाल नहीं कर रहे हैं।
[13:19] अभी आपने बताया कि पहला गुरु कौन है? तो
[13:21] अपने माता-पिता है। दूसरा गुरु कौन है?
[13:24] गुरु है। ऐसे ज्ञान देने वाले लोग हमारे
[13:28] देश के लिए जरूरत है। यह सहकारिता मंत्री
[13:31] होने से नाते
[13:33] महाराष्ट्र में सहकारिता खाता बहुत ही
[13:35] बढ़िया पैमाने से काम करता है। गवर्नमेंट
[13:39] में जितने एम्प्लाइज काम करते हैं उतने
[13:41] अमेरिकी सहकारिता खाते में काम करते हैं।
[13:44] शुगर चीनी में काम करते हैं। बैंक में
[13:46] करते हैं। सुदगनी में करते हैं।
[13:50] खाली यह सहकारिता आर्थिक उन्नति के लिए
[13:53] नहीं।
[13:55] इसके साथ हमारे आम आदमी को इसके साथ
[13:57] जोड़ना है। शांति और समता का संदेश यह
[14:02] खाते से देना है। आपके आशीर्वाद से मेरा
[14:06] स्टेट मेरे राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र
[14:09] जी फडनवीस है। उप मुख्यमंत्री
[14:13] पवार मैडम है और एकनाथ शिंद साहब है।
[14:16] किसानों के बारे में बहुत ही अच्छा काम चल
[14:19] रहा है। अभी देखें हम यहां भी अपना जो
[14:21] प्रोग्राम है ऑर्गेनिक खेती का इसकी जरूरत
[14:25] है। अभी अभी एक
[14:28] 14 एक से 40 करोड़ लोग यह दुनिया अपने
[14:31] भारत में रहते हैं। 40 करोड़ थे जब भी
[14:34] अनाज कम पड़ता था। किसानों के मेहनत से और
[14:37] साइंटिस्ट लोगों से मेहनत से इतनी पब्लिक
[14:40] होते हुए भी अनाज कम नहीं पड़ रहा है। मगर
[14:43] आपने जो अभी हमको सुझा दिया मार्गदर्शन
[14:46] किया कि ऑर्गेनिक अनाज की जरूरत है। हर
[14:50] गांव में हम जाते हैं तो एक दो आदमी मिलते
[14:52] हैं। क्या हो गया? कैंसर हो गया। स्किन
[14:55] डिसीज हो गया। अभी हमको इसकी जरूरत है कि
[14:58] हमारे देश में ऑर्गेनिक खेती करके हमारे
[15:03] आम आदमी को सुख शांति और चैन से जीने के
[15:06] लिए ये आध्यात्मिक काम करना। अध्यात्म
[15:09] बोले तो कपड़े डाल के भगवे कपड़े डालना
[15:13] बड़ा हार डालना यह काम नहीं है। दूसरे का
[15:17] धर्म का कदर करना और अपने धर्म का पालन
[15:20] करना यही आध्यात्म सिखाता है। वो आप
[15:23] सिखाते हैं हमको। [प्रशंसा] इससे ज्यादा
[15:26] बात नहीं करता। आपका जो काम चल रहा है आप
[15:29] तो भगवान नहीं मगर भगवान से कम नहीं है
[15:31] महाराज
[15:32] क्यों तो हमको दिशा दे रहे भगवान कौन कौन
[15:36] से रास्ते से जाने के बाद भगवान मिलेगा वो
[15:39] रास्ता दिखाने वाला वही भगवान है तो आपकी
[15:42] तरक्की हो हमारी दुनिया से पूरा आपकी
[15:46] शुभच्छा देते हैं। हम शुभच्छा तो नहीं दे
[15:48] सकते पर मनोकामना करते कि आपके हाथ से
[15:51] हमारे भारत में और वर्ल्ड में ऐसा ही काम
[15:54] चलते रहना और तरक्की होना जय गुरुदेव।
[15:59] [प्रशंसा]
[16:06] आज हमारे बीच उपस्थित हैं मौलाना
[16:09] अब्दुल्लाह कमर साहब ऑल इंडिया राबता ए
[16:12] मस्जिद बोर्ड देवबंद के अध्यक्ष हम आपका
[16:15] आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र में
[16:17] हार्दिक स्वागत करते हैं।
[16:19] टुडे वी आर ऑनर्ड टू हैव विद अस मौलाना
[16:22] अब्दुल्ला कमर साहब प्रेसिडेंट ऑफ ऑल
[16:25] इंडिया राब्ता ए मस्जिद बोर्ड देवबंद। वी
[16:28] वेलकम यू टू द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल
[16:31] सेंटर।
[16:33] [प्रशंसा]
[16:53] [प्रशंसा]
[16:58] [प्रशंसा]
[17:07] बिस्मिल्लाह्रमाहीम
[17:14] कुरान पाक की
[17:18] सबसे बड़ी खुसूसियत यह है
[17:23] मुसलमानों की जो सबसे बड़ी किताब है बल्कि
[17:27] यू कहिए कि इंसानों की जो सबसे बड़ी किताब
[17:29] है
[17:31] वो कुरान पाक है। और कुरान पाक के बाद जो
[17:35] किताब है वो हदीस है। बुखारी शरीफ बोलते
[17:39] हैं उसे।
[17:41] बुखारी शरीफ में एक हदीस है
[17:44] के जब सबका
[17:47] आखिरत में जब सबका इकट्ठा होना इ्तमा होगा
[17:50] सब लोग इकट्ठा होंगे
[17:53] तो अल्लाह ताला दो लोगों को बुलाएंगे
[17:57] एक शख्स वो होगा जिसने पूरी जिंदगी नमाज
[18:02] रोजा हज जकात और पढ़ने पढ़ाने में तकरीर
[18:06] में गुजारी हो
[18:09] अल्लाह ताला कहेंगे इसे इसे जहन्नुम में
[18:11] ले जाओ।
[18:13] और दूसरे दूसरे ऐसे शख्स के मुतालिक
[18:17] जिसने कोई भी नेकी का काम बजाहिर ना किया
[18:21] हो।
[18:23] जिसके मुतालिक इंसान होने पर लोगों को शबा
[18:27] हो। अल्लाह ताला कहेंगे इसे जन्नत में ले
[18:30] जाओ।
[18:32] तो सवाल होगा कि या अल्लाह जिसने पूरी
[18:36] जिंदगी आपके हुक्म की पाबंदी की आपके तमाम
[18:42] अहकामात को पूरी दुनिया में फैलाया
[18:47] और पूरी जिंदगी इबादत में गुजारी। ऐसे
[18:50] शख्स को तो आपने जहन्नुम में भेज दिया।
[18:54] और एक ऐसा शख्स जिसका बजाहिर कोई अमल
[18:58] है ही नहीं उसको आपने जन्नत में भेज दिया।
[19:02] तो अल्लाह ताला फरमाएंगे
[19:06] कि यह जो शख्स है
[19:10] जिसने पूरी जिंदगी इबादत रियाजत तकरीर
[19:14] तहरीर तदरीस पढ़ने पढ़ाने में गुजारा
[19:20] इसकी चंद बातों से कौम में इंसानों में
[19:25] मुख्तलिफ मजहब रखने वालों में इंतशार हुआ
[19:28] करता था।
[19:31] लोग आपस में लड़ जाया करते थे। लोग आपस
[19:35] में नफरत किया करते थे और मुझे इंतशार
[19:39] पसंद नहीं है। और यह शख्स जिसकी जिंदगी
[19:44] पूरी बजाहिर शरीयत के खिलाफ नजर आ रही है।
[19:49] इसके एक लफ्ज से एक मर्तबा कौम में इंतशार
[19:56] हो रहा था। बिगाड़ हो रहा था। इसके एक लफज़
[20:02] ने इस जो उम्मत में जोड़ पैदा कर दिया था।
[20:04] कौम में जोड़ पैदा कर दिया था।
[20:07] मैं 1000 मुबारकबाद पेश करता हूं अपने
[20:12] गुरुदेव की कि वहां तो एक लफ्ज पर इंतशार
[20:18] पैदा करने वाले को जहन्नुम में और इंतशार
[20:21] से बचाने वाले को जब जन्नत में भेजा गया
[20:23] है। आपकी तो पूरी जिंदगी इससे इबादत है कि
[20:27] आप भूल जाते हैं कौन कौम है? कौन सा मजहब
[20:30] है? कौन सा मुल्क है? किस मजहब के लोगों
[20:34] का मुल्क है? आप हर जगह पैगाम अमन और
[20:38] मोहब्बत पहुंचाते रहते हैं। इसके लिए हम
[20:41] सब मुबारकबाद के काबिल हैं। हमारी पहली
[20:44] मुलाकात 5 साल पहले आपसे लखनऊ में हुई थी
[20:47] और उसके बाद आज हो रही है। लेकिन उस वक्त
[20:49] से आपकी फिक्र आपके जरिए आपकी जो फिक्र
[20:53] है, आपका काम है वो हम देखते रहते हैं।
[20:57] अल्लाह ताला आपकी उम्र में बुलंदी और आपको
[21:01] इकबाल अता फरमाए। और हम सब की जो उम्र है
[21:05] अगर जरूरत हो तो उसमें से भी सब आपको मिल
[21:08] जाए और आप जैसा शख्स पूरी दुनिया में सेहत
[21:11] आफियत के साथ जिंदगी तक कायम रहे कायम रहे
[21:15] लेकिन सेहत आफियत के साथ रहे लोग कहते हैं
[21:19] बदलता है जमाना हरदम लोग कहते हैं बदलता
[21:23] है जमाना हरदम मर्द वो हैं जो जमाने को
[21:26] बदल देते हैं
[21:28] [प्रशंसा]
[21:33] बहुत अच्छा
[21:35] और
[21:38] [प्रशंसा]
[21:47] वी हैव विद अस टुडे नाइन ईयर ओल्ड
[21:50] विश्ववर्धन शर्मा अ रिमारकेबल यंग टैलेंट
[21:54] हु मेमोराइज्ड एंटायर भगवत गीता एट एज
[21:57] फाइव एंड 4ाउ सूत्राज़ ऑफ पिनीज़ अष्टाध्याय
[22:01] एट एज एट सिक्योरिंग फर्स्ट प्लेस नेशनली
[22:05] इन अष्टाध्याय कंठपाट इन 2026 फ्लुएंट इन
[22:10] हिंदी, इंग्लिश, संस्कृत, स्पैनिश, कन्नडा
[22:14] एंड मारवाड़ी एंड एबल टू रीड एंड राइट 13
[22:18] इंडियन स्क्रिप्ट्स। बृजवर्धनस अचीवमेंट्स
[22:21] आर ट्रूली इंस्पायरिंग। हिज फादर ही इज़
[22:24] हियर टू टेल अस मोर अबाउट दिस
[22:26] एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग बॉय। लेट्स वेलकम
[22:28] हिम टू द स्टेज वि बिग राउंड ऑफ अप्लॉयज़।
[22:32] [प्रशंसा]
[22:44] ओम श्री परमात्मने
[22:47] नमः
[22:49] गुरुदेव के चरणों में सादर प्रणाम।
[22:53] मैं आपको गीता के कुछ श्लोक सुनाना
[22:56] चाहूंगा।
[22:57] 12व अध्याय का 13वा और 14वा श्लोक
[23:01] अद्वष्टा सर्वभूत नाम मित्र करुण एवच
[23:08] निर्ममो निरहंकार
[23:12] सम दुख सुख क्षमी
[23:15] संतुष्ट सतत योगी यतात्मा दृढ़ निश्चय
[23:22] मर्पिता मनो बुद्ध यो भक्तस सह प्रिय
[23:29] और नवे अध्याय का 27वा श्लोक इसका अर्थ
[23:35] अद्वता सर्वभूत नाम जिसका द्वेष नहीं हो
[23:40] सभी भूतों में मैत्र करुणा एवच जो
[23:46] फ्रेंडली हो जिसकी मैत्री हो करुणा जो
[23:50] करुण जो जिसकी करुणा हो मैतः करुणा एवच
[23:55] अव्यय निर्ममो निरहंकार
[23:59] जिसका ममता नहीं हो जिसका कोई अहंकार नहीं
[24:02] हो सम दुख सुखः क्षमी जो सुख दुख में सम
[24:07] रहता है संतुष्ट सतत योगी यतात्मा दृढ़
[24:13] निश्चयः जो सदैव संतुष्ट रहता है जो भी
[24:16] उसके पास है सतत योगी रहता है यतात्मा दृढ़
[24:22] निश्चय रहता है वो दृढ़ गृह निश्चय म यपिता
[24:27] मनो बुद्ध ही जो मुझे अपनी मन और बुद्धि
[24:31] अर्पण कर देता है यो मत भक्तस में प्रिय
[24:36] वो भक्त मुझे प्रिय होता है भगवान अर्जुन
[24:40] को कहते हैं [प्रशंसा]
[24:42] और नवे अध्याय का 27वा
[24:46] [हौसला बढ़ाने की आवाज़]
[24:47] नवे अध्याय का 27वा श्लोक में भगवान कहते
[24:52] हैं
[24:57] यत करो यदनासी यजु ददासी यत यत तपस्यस ते
[25:05] तत कुर मदर्पणम इसका अर्थ है जो भी तुम
[25:09] करते हो यत करो यदनासी जो भी भोगते हो
[25:14] यजहोसी ददासी य जो भी दान में देते हो जो
[25:18] भी अर्पण करते हो जो भी तप करते हो य
[25:21] तपस्यसी कते
[25:23] तत कुर मदर्पणम वो सब मुझे अर्पण कर दो
[25:29] [प्रशंसा]
[25:33] धन्यवाद
[25:34] जय गुरु
[25:35] आप आप बनाया ना वो दिखाओ बताओ आप
[25:38] क्या
[25:39] आप बना
[25:40] ऐप मैंने गीता वर्धन एक ऐप बनाई है जो
[25:43] बिना इंटरनेट के बिल्कुल चलती है उसमें
[25:47] भगवत गीता के सारे श्लोक हैं 13 भाषाओं
[25:51] में जो मुझे लिखना पढ़ना आता आता है और
[25:54] उनके साथ सबका मेरा ऑडियो है उसमें जो
[25:57] मैंने रिकॉर्ड किया है और आप पूरा ऑडियो
[26:01] भी एक मॉड्यूल से सुन सकते हैं और उसमें
[26:04] एक क्विज भी है और उसमें एक छोटी गीता 11
[26:09] श्लोकों की गीता है और आप अपना लाइफ स्टेज
[26:13] या मेंटल स्टेज सेलेक्ट करके 11 श्लोक
[26:17] उसमें आप सुन सकते हैं और देख सकते हैं
[26:20] उसमें उसके साथ सबके साथ मीनिंग ग्रामर
[26:24] शंकराचार्य की और रामानुजाचार्य की
[26:27] कमेंट्री है। आप अपने नोट्स बना सकते हैं
[26:29] श्लोकों पे और ग्रामर में पूरा इंग्लिश
[26:34] ग्रामर है और सारी 13 भाषाएं हैं ऐप में।
[26:39] और यह मैंने [प्रशंसा]
[26:44] ऑफलाइन डिवाइस बनाया है जो बिल्कुल ऑफलाइन
[26:48] है और वॉइस कमांड से चलता है तो आप पहले
[26:51] उसको वेक वर्ड बोल के और कुछ भी कमांड दे
[26:55] सकते हैं जैसे कुछ चैप्टर ओपन करना हो
[26:57] वर्ड्स ओपन करना हो जैसे बोलूं हाय गीता
[27:03] उसको पास में रखो
[27:05] हाय गीता
[27:07] उसको उसमें रखो ना माइक में रखो को वो
[27:09] क्या बोलते हैं
[27:11] ओपन श्लोका श्लोका वन थ्री
[27:20] एक बार वापस से करना होगा हाय गीता
[27:26] श्लोका वन थ्री
[27:34] ओपन हो गया वाह
[27:37] ये देखो वो टेक्नोलॉजी ये भारत का शान है
[27:42] भाई। [प्रशंसा] ये छोटे बच्चे टेक्नोलॉजी
[27:45] बना देते हैं। बैठे-बैठे आप
[27:49] बैटरी है और इसको आप चार्ज कर सकते हो।
[27:54] चार्ज कर सकते हैं। हां
[27:56] बिना इंटरनेट के चलता है।
[27:57] बिना इंटरनेट के चलता है। फुल्ली ऑफलाइन।
[28:00] ओ हो हो [प्रशंसा]
[28:04] बहुत अच्छा।
[28:06] अच्छा स्पेनिश में कुछ बोलो
[28:10] यो से एस्कवीर इले
[28:16] यो सेवी इले
[28:19] से सिस्टमस
[28:24] योहे एल भगवत गीतास
[28:33] इो
[28:34] [प्रशंसा]
[28:36] द
[28:38] [हौसला बढ़ाने की आवाज़]
[28:39] लोसी दो
[28:45] मोचो ग्रासियस
[28:48] मोचो ग्रासियस
[28:49] मोचो ग्रासियस या
[28:52] थैंक यू ग्रासियस ग्रासियस
[28:55] ग्रासियस ओके और कौन सी कौन सी भाषा बोलता
[28:59] है तू
[29:00] मैं हिंदी इंग्लिश संस्कृत कन्नडा
[29:04] मारवाड़ी ये सब बोल सकता हूं।
[29:06] ओके वेरी गुड।
[29:08] और 13 भाषाएं लिख पढ़ सकता हूं।
[29:10] 13 भाषा वाह
[29:13] और भगवत गीता मैंने 11 स्क्रिप्ट्स में
[29:15] लिखी है। अर्थात 13 भाषाएं और मैं मोदी जी
[29:18] को समर्पण करना चाहता हूं।
[29:20] अच्छा ठीक है। [प्रशंसा]
[29:23] बहुत बढ़िया।
[29:26] ओके।
[29:28] स्कूल जा रहा है? स्कूल पढ़ रहा है ना?
[29:30] स्कूल अभी नहीं जा रहे। पहले गए थे। उसमें
[29:33] मैं जब मैं फर्स्ट सेकंड क्लास में ही था
[29:35] तब मैं एट्थ 10थ 12th यहां पे केमिस्ट्री
[29:40] मैथ्स फिजिक्स इसमें इनमें जाता था। फिर
[29:43] भी मैं थोड़ा बोर हो जाता था तो अभी मैं
[29:46] घर पे ही पढ़ता हूं।
[29:48] अच्छा
[29:49] [प्रशंसा]
[29:51] वाह वेरी गुड।
[29:54] चार वर्ष का पीरियडिक टेबल और ये सब
[29:57] चार वर्ष में पीरियडिक टेबल केमिस्ट्री का
[29:59] पूरा इसको आधा
[30:01] [प्रशंसा][हौसला बढ़ाने की आवाज़]
[30:02] देखो चार वर्ष का बालक पूरा केमिस्ट्री
[30:05] जान ले फिजिक्स जान ले तो ये सब जन्मांतर
[30:10] का पूर्व जन्म का तुमको याद है तुम पूर्व
[30:13] जन्म में कौन थे
[30:16] छठे अध्याय के 41 और 44 वे श्लोक में आता
[30:20] है प्राप्त्य पुण्य कृतान लोकान उत्वा
[30:24] शाश्वती समाना
[30:27] श्रीमताहे
[30:28] योग भ्रष्टोते
[30:31] और 44वा है पूर्वाभ्यासेन
[30:35] तेव हते वशोपिस जिज्ञासुर योगस्य शब्द
[30:41] ब्रह्मा वर्तते
[30:43] हां बिल्कुल नहीं तुम्हें याद है तुम पहले
[30:46] कौन थे अभी याद नहीं है
[30:48] याद नहीं है
[30:49] अच्छा कोई बात नहीं अच्छा है
[30:52] [प्रशंसा]
[30:53] जय गुरुदेव
[30:54] जय गुरुदेव जय गुरुदेव [प्रशंसा]
[31:03] [प्रशंसा]
[31:08] [प्रशंसा]
[31:21] [प्रशंसा]
[31:30] वी हैव विद अस करणव अ 13 ईयर ओल्ड
[31:33] इंट्यूशन प्रोसेस किड हु हैज़ बिल्ड एन ऐप
[31:36] कॉल्ड टीनोस व्हिच इज एन एआई पावर्ड
[31:39] एप्लीकेशन टू हेल्प टीस वि होमवर्क स्टडीज
[31:43] टास्क प्लानिंग एंड मच मोर
[31:47] [प्रशंसा]
[31:47] हमारे साथ है कनव 13 साल के इंट्यूशन
[31:50] प्रोसेस किट जिन्होंने टीन ओएस नाम का एक
[31:52] ऐप बनाया है। यह एक एआई पावर्ड एप्लीकेशन
[31:55] है जो टीस को होमवर्क, स्टडीज, टास्क
[31:58] प्लानिंग और बहुत कुछ करने में मदद करता
[32:00] है।
[32:11] करो और स्क्रीन में। ब्राइटनेस बढ़ाओ। हां
[32:15] देखा सब देख पाएंगे भाई।
[32:20] सो
[32:20] कितने दिन लगा इसको ऐप बनाने में तुम्हें?
[32:23] दो महीने।
[32:24] दो महीने में ऐप बना लिया।
[32:27] वाओ ताली बजाओ भाई। [प्रशंसा]
[32:31] ये है भारत का टैलेंट। देखो। 2 महीने में
[32:35] कोई ऐप बना दे। कितना टाइम लेता है कोई
[32:39] किसी को ऐप बनाना हो तो। हम
[32:43] ओके। सो दिस इज द ऐप। सो देयर इज़ अ लॉट ऑफ़
[32:46] फीचर्स। दिस इज़ अ बेसिकली एन एप सो दैट
[32:49] फॉर टीम स्पेसिफिकली। सो दे डोंट हैव टू
[32:51] जंप अराउंड डिफरेंट लाइक एप्स टू डू देयर
[32:55] वर्क। सो देयर इज़ अ होमवर्क हेल्पर, देयर
[32:57] इज़ अ टास्क मैनेजर, देयर इज़ अ वीडियो
[32:59] टुटर, देयर इज़ अ हैबिट्स पेज। लाइक
[33:02] हेल्प्स यू मेंटेन हैबिट्स एंड देयर इज़ अ
[33:04] लॉट मोर। सो, फर्स्ट ऑफ ऑल, दे, इज़ अ
[33:06] होमवर्क हेल्प।
[33:07] हाउ मेनी फीचर्स आर देयर इन योर ऐप?
[33:09] रफ्ली
[33:11] नाइन। नाइन फीचर्स
[33:14] वाओ
[33:16] [प्रशंसा] दैट्स ग्रेट
[33:20] सो फॉर एग्जांपल इफ आई आस्क यू
[33:39] या सो दिस इज़ आई स्टेट एक्सप्लेन
[33:43] फोटोसिंथेसिस। सो इट एक्सप्लइड
[33:44] फोटोसिंथेसिस लाइक इट्स राउटेड फ्रॉम एआई
[33:47] लाइक अ प्रॉपर एआई। सो यू आस्क इट प्रीटी
[33:49] मच एनीथिंग। सो नाउ इट गिवेस यू द फुल
[33:51] डेफिनिशन ऑफ़ फोटोसिंथेसिस।
[33:54] अह देयर इज़ अनदर फीचर।
[33:56] सो ऑल लाइब्रेरीज़ बिकम इररेिलेवेंट नाउ।
[34:00] या इन योर लैपटॉप यू आर द होल लाइब्रेरी।
[34:05] ग्रेट।
[34:07] [प्रशंसा]
[34:11] [हौसला बढ़ाने की आवाज़] देयर इज अनदर
[34:12] फीचर। इट्स कॉल्ड वीडियो टुटर। आई एम
[34:14] स्टिल बिल्डिंग दिस बट इट्स बेसिकली अ एआई
[34:17] वीडियो टुटोर दैट यू कैन टॉक टू एंड इट
[34:19] हेल्प यू वर्क।
[34:21] होमवर्क?
[34:22] होमवर्क, स्कूल वर्क एनी वर्क।
[34:24] होमवर्क, स्कूल वर्क, एनी वर्क?
[34:26] यस।
[34:26] वाउ।
[34:28] सो, आई कैन कनेक्ट एंड देन दिस गाय विल
[34:31] जॉइन।
[34:35] हेलो।
[34:41] हेलो
[34:51] गुड गुड गुड गुड वै नाइस [प्रशंसा]
[34:57] ओके आई थिंक द वाईफाई कट ऑफ बट देन देयर
[35:00] इज़ अ टास्क पेज ओके सो द वाईफाई कट ऑफ या
[35:12] नो आई डोंट नो मे बी आई डोंट नो ओके देयर
[35:17] सो दिस इज़ अ टास्क पेज यू कैन कनेक्ट
[35:20] Google क्लासरूम एंड देन इट विल सिंक द
[35:23] टास्क फ्रॉम Google क्लासरूम। दिस इज़ माय
[35:25] सिक्स्थ ग्रेड क्लासरूम। सो दीज़ आर माय
[35:27] टास्क दैट वर असाइन टू मी सिक्स्थ ग्रेड।
[35:30] सो नाउ इट शोज़ हियर एंड
[35:32] यू आर स्टडीिंग इन द सिक्स्थ स्टैंडर्ड।
[35:34] नो। बट दिस इज द Google क्लासरूम ऑफ
[35:36] सिक्स्थ ग्रेड। बिकॉज़ इन नाइंथ वी डोंट
[35:38] यूज़ इट एनी मोर।
[35:39] ओके।
[35:40] सो, दिस इज़ व्हाट यू आर गिवेन। सो, इफ यू
[35:43] लाइक डू समथिंग देन यू कैन जस्ट मार्केट
[35:45] डन हियर एंड देन इट विल बी डन इन योर
[35:47] Google क्लासरूम ऑटोमेटिकली।
[35:49] वाओ! कम, कम, कम। [प्रशंसा]
[36:00] [प्रशंसा]
[36:03] इधर इधर खड़े हो जाओ खड़े हो जाओ उधर फोटो
[36:06] ले लो हां
[36:10] बहुत बढ़िया चलो [प्रशंसा]
[36:14] ताली बजाइए जोर से
[36:21] ये देखो भारत की प्रतिभा
[36:24] ये प्रतिभा है
[36:27] क्या?
[36:30] [प्रशंसा]
[36:31] 13 साल में ऐप बना देना, 9 साल में ऐप बना
[36:34] देना।
[36:36] और ये यूज़ करते हुए हमारे कितने लोगों को
[36:40] ये का पता ही नहीं है। हम तो ये माने
[36:44] एब्सेंस ऑफ इंटेलिजेंस समझते थे।
[36:49] [प्रशंसा]
[36:51] मगर अभी एब्सेंस ऑफ इंटेलिजेंस से
[36:54] आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वहां अब्सोल्यूट
[36:57] इंटेलिजेंस
[37:00] तीन ये हम लोगों ने देखा है अभी
[37:03] बहुत बढ़िया बहुत अच्छा बच्चों को यही
[37:07] बहुत आवश्यक है
[37:10] थोड़ा इंट्यूशन कोर्स सिखाओ योग सिखाओ तब
[37:15] दिमाग इतना
[37:17] शार्प हो जाता है नहीं तो बच्चे बेचैन
[37:20] होके पता नहीं क्या-क्या कर बैठते हैं।
[37:22] इतने ड्रग्स में चले जाते हैं। आजकल नशे
[37:27] से इतने बच्चे जूझ रहे हैं पूरे देश भर
[37:32] में तबाही कर देगी यह नशा लोगों को हमारे
[37:35] देश को तो आप सबको ध्यान रखना चाहिए
[37:38] बच्चों को थोड़ा योग इस तरफ से लगाओ और इस
[37:42] तरह से दिमाग में इतना तेजी से करेंगे
[37:46] विज्ञान में आगे बढ़ जाए हमारा देश
[37:50] आई डोंट थिंक इवन इन अमेरिका चिल्ड्रन हैव
[37:55] डेवलप्ड अप इन दिस श स्माल एज ऑफ़ न इयर्स
[37:58] 10 ईयर 12 इयर्स आई एम नॉट अवेयर ऑफ इट बट
[38:02] दिस इज वेरी गुड
[38:05] वेरी गुड हां चलिए अब हम लोग ध्यान कर
[38:09] लेते हैं। 10 मिनट ध्यान कर लेते हैं।
[38:13] आराम से बैठ जाते हैं।
[38:19] हमारे शरीर में 30 ट्रिलियन सेल्स है।
[38:26] हमारा शरीर एक बरियल ग्राउंड भी है,
[38:29] कब्रिस्तान भी है और मैटरनिटी होम भी है।
[38:32] क्यों? रोज नए सेल्स पैदा हो रहे हैं। रोज
[38:36] पुराने सेल्स मर रहे हैं। एक साल के अंदर
[38:40] विज्ञान कहता है हमारे शरीर के हर सेल बदल
[38:43] सेल बदल जाते हैं। तो अभी हम ध्यान करते
[38:48] वक्त ये ध्यान रखेंगे हमारे शरीर में बहुत
[38:51] सारे सेल्स हैं।
[38:53] देखो हमारे ऋषि मुनि इसको जानते थे।
[38:56] इसीलिए
[38:58] जो शरीर में रहता हुआ
[39:01] सोल को आत्मा को पुरुष कहा। पुरुष माने
[39:05] स्त्री पुरुष नहीं है। पुरुष माने चेतना।
[39:10] तो शरीर एक शहर है।